पॉलीटेक्निक डिप्लोमा किसे कहते है

पॉलीटेक्निक डिप्लोमा उन विद्यार्थियों के लिए एक अच्छा विकल्प होता है, जिन लोगो को क्लास 10th के बाद एक रास्ता चाहिए, जहाँ से वे जल्दी और एक बेसिक तरीके से शुरुआत करते हुए इंजिनीयरिंग फील्ड में कैरियर बना सके। पॉलीटेक्निक डिप्लोमा दसवीं या बारहवीं के बाद आसानी से कर सकते है। आपके अंक 35% से अधिक होना चाहिए।  

पॉलीटेक्निक डिप्लोमा में इंजीनियरिंग डिग्री के सिलेबस के बेसिक कांसेप्ट सम्मिलित होते है। इसलिए जिन लोगो का पूरा इंटरेस्ट इंजिनीरिंग फील्ड में ही है और बेसिक और प्रैक्टिकल नॉलेज पाना चाहते है, उनके लिए डिप्लोमा एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट स्किल्स के ऊपर ज्यादा फोकस करते है, सैद्धांतिक ज्ञान पर कम फोकस होता है, क्योंकि पॉलिटेक्निक कोर्स का उद्देश्य ही प्रैक्टिकल स्किल डेवलपमेंट होता है। जिन लोगों को आर्थिक समस्या है लेकिन वो कुछ अच्छा सीखना चाहते है तो पॉलिटेक्निक डिप्लोमा एक बहुत अच्छा विकल्प है। 

दोस्तों इस लेख में हम पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट से सम्बंधित निम्न बातों के बारे में जानेंगे।  
  • पॉलिटेक्निक का अर्थ क्या है
  • पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट किसे कहते है
  • पॉलीटेक्निक डिप्लोमा किसे कहते है
  • पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट का पाठ्यक्रम 
  • पॉलिटेक्निक कोर्स कितने साल का होता है 
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की फीस 
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के फायदे 
  • पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट में एडमिशन कैसे लेवें 
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद नौकरी कहा मिलेगी 
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद कौनसा कोर्स कर सकते है
  • पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कितने सब्जेक्ट होते है
  • एडमिशन से पहले सावधानियां
  • भारत में अच्छे पॉलिटेक्निक कॉलेज कौनसे है

पॉलिटेक्निक का अर्थ क्या है
पॉलिटेक्निक शब्द दो शब्दों "पॉली" एवं "टेक्निक" से मिलकर बना हुआ है। पॉली का अर्थ होता है बहुत सारे तथा टेक्निक का अर्थ होता है तकनिकी से रिलेटेड। यह तकनीकी इंजीनियरिंग एवं नॉन इंजीनियरिंग दोनों हो सकते है।  

पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट किसे कहते है
पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट का अर्थ होता है। जहाँ टेक्निक से सम्बंधित बहुत से विषयो का ज्ञान प्रदान किया जाता है। 

पॉलीटेक्निक डिप्लोमा किसे कहते है
डिप्लोमा का अर्थ होता है प्रमाणपत्र, जो किसी संस्थान या विश्वविद्यालय द्वारा किसी चुने गए विषय का व्यावहारिक ज्ञान देने के बाद दिया जाता है। पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट द्वारा प्राप्त किये गए सर्टिफिकेट को ही पॉलीटेक्निक डिप्लोमा कहते है।

पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट का पाठ्यक्रम 
पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट में पाठ्यक्रम इस प्रकार होता है, की स्टूडेंट को सम्बंधित विषय का प्रेक्टिकल एवं सैद्धांतिक ज्ञान पूरी तरह मिल जाए। 

पॉलिटेक्निक कोर्स कितने साल का होता है 
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स एक से लेकर तीन वर्ष तक होता है। अलग-अलग सब्जेक्ट के हिसाब से डिप्लोमा अलग-अलग समय अवधि का होता है।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा की फीस
इस कोर्स की फीस अलग अलग यूनिवर्सिटी और कॉलेज में अलग होती है। पॉलीटेक्निक की फीस गवर्मेंट इंस्टिट्यूट में कम होती है और प्राइवेट कॉलेजों में यह थोड़ी ज्यादा होती है। इसकी फीस लगभग 10,000 रुपए से 40,000 रुपए सालाना तक हो सकती है। प्राइवेट पॉलिटेक्निक डिप्लोमा में फीस सरकारी इंस्टिट्यूट से थोड़ी ज्यादा होती है,  लेकिन करियर के विकल्प दोनों में एक जैसा ही होता है। 

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के फायदे
  • कम समय में अपना कॅरियर बना सकते है
  • इसमें स्किल्स डेवलॅपमेंट और प्रैक्टिकल नॉलेज पर फोकस किया जाता है
  • किसी फील्ड का प्रैक्टिकल ज्ञान लिया जा सकता है
  • आपको Technical Certificate मिल जाता है
  • डिप्लोमा के आधार पर आपको जॉब मिल सकती है
  • आप गवर्नमेंट डिपार्टमेंट में जॉब के लिए तैयारी कर सकते है
  • आप डिग्री कोर्स जैसे बीटेक एवं बी.ई में 2nd Year में प्रवेश ले सकते है

पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट में एडमिशन कैसे लेवें 
गवर्नमेंट या प्राइवेट इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेने के लिए आपको पॉलीटेक्निक का Common Entrance Test देना होता है। यह एंट्रेंस टेस्ट अलग राज्यो में अलग अलग होता है। इसके बाद आप Counseling के जरिये अपने पसंद के कॉलेज में Polytechnic Admission ले सकते है। 
बहुत से कॉलेज CLC ( कॉलेज लेवल कॉउंसलिंग ) के जरिये सीधे एडमिशन भी देते है।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद नौकरी कहा मिलेगी 
पॉलीटेक्निक के बाद जॉब करना है तो पॉलिटेक्निक के बाद प्राइवेट या गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब कर सकते है। डिप्लोमा वाले लोगो के लिए सरकारी नौकरी के लिए वेकेंसी निकलती रहती है। जॉब फील्ड में डिग्री + डिप्लोमा के कॉम्बिनेशन को काफी फायदे मिलते है, इनकी डिमांड भी होती है।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद कौनसा कोर्स कर सकते है
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा के बाद बी.ई., बी. टेक, बी.एस.सी., बी.सी.ए. जैसे डिग्री प्रोग्राम जॉइन किए जा सकते है। या डिप्लोमा से संबंधित फील्ड में अन्य डिग्री कोर्स कर सकते है। डिप्लोमा के बाद बी.ई., बी. टेक में Lateral Entry द्वारा 2nd Year मे एडमिशन मिल जाता है।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कितने सब्जेक्ट होते है
पॉलीटेक्निक डिप्लोमा कोर्स बहुत सी यूनिवर्सिटी में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होते है। दोस्तों आपको इनमे से किसी भी ब्रांच को बहुत सोच समझ कर चुनना चाहिए। हो सके तो किसी से सलाह ले लेना चाहिए।   

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा में निम्नलिखित कोर्स होते है 
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
कंप्यूटर इंजीनियरिंग
असिस्टेंट आर्किटेक्चर 
केमिकल इंजीनियरिंग
सिविल इंजीनियरिंग
ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग
ऑप्थेलमिक टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग
ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
प्रोडक्शन इंजीनियरिंग
फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग
खनन इंजीनियरिंग 
इंस्ट्रूमेंटेशन और नियंत्रण
सूचना प्रौद्योगिकी
रासायनिक अभियांत्रिकी
डेयरी इंजीनियरिंग
कपड़ा प्रौद्योगिकी 
कपड़ा रसायन इंजीनियरिंग
ग्लास और सिरेमिक इंजीनियरिंग
कृषि अभियांत्रिकी
प्लास्टिक और मोल्ड प्रौद्योगिकी
पेंट टेक्नोलॉजी
कपड़ा डिजाइन
वैमानिकी
विमान रखरखाव
जन संचार
पत्रकारिता
फार्मेसी
वास्तुकला और आंतरिक डिजाइन में डिप्लोमा
प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी
लेदर टेक्नोलॉजी 
इंटीरियर डेकोरेशन एंड डिजाइन
फैशन डिजाइनिंग और गारमेंट टेक्नोलॉजी
होटल प्रबंधन और खानपान सेवा
आधुनिक कार्यालय प्रबंधन और सचिवीय अभ्यास
पुस्तकालय और सूचना विज्ञान
गृह विज्ञान
सामग्री प्रबंधन
वाणिज्यिक अभ्यास

एडमिशन से पहले सावधानियां
हमें एडमिशिन से पहले कॉलेज की मान्यता का पता लगा लेना चाहिये। बहुत से ऐसे फर्जी कॉलेज होते है, जिनकी डिग्री या डिप्लोमा की कोई वेल्यू नहीं होती है। इनकी डिग्री या डिप्लोमा से सरकारी विभाग तो क्या प्रायवेट विभाग में भी नौकरी नहीं लगती है।

विशिष्ट महिला पॉलिटेक्निक संस्थान
भारत में अच्छे पॉलिटेक्निक कॉलेज कौनसे है